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लखनऊ-बिन मौसम की बरसात व ओलावृष्टि से किसानों की फसल चौपट , किसान परेशान

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बिन मौसम की बरसात व ओलावृष्टि से किसानों की फसल चौपट , किसान परेशान

लखनऊ। जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदलता जा रहा है । खासकर बेमौसम बारिश किसानों की चिन्ता की वजह बनी हुई है । शुक्रवार रात भी हुई बेमौसम बारिश से जहां ठंड बढ़ गई । वहीं सरसों व आलू के किसानों को एक बार फिर इस बारिश ने संकट में डाल दिया है । जहां खेतों में सरसों की फसल को बारिश गिरा रही है । वहीं खुदे पड़े आलू भी इस बारिश में सड़ने की आशंका बनी हुई है । शुक्रवार दिन में मौसम बिगड़ा रहा जबकि रात में अचानक आसमान में बादल घिर आए और बूंदाबांदी शुरू हो गई । तकरीबन दो घंटे तक बारिश के कारण सर्दी का प्रकोप बढ़ गया । तीसरे दिन शनिवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे । यह देख लोग बारिश की आशंका ही बनी है ।मौसम विभाग की मानें तो 8 मार्च को तेज बारिश की संभावना है । जानकारों की यह बात सही साबित हुई तो गेहूं , सरसो समेत आलू के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा ।कैसे भरेगा अपना पेट ,दूसरे का पेट भरने वाला। बेमौसम हुई भारी बरसात ओलावृष्टि ने राजधानी लखनऊ सहित अगल बगल के जिलों में भारी तबाही मचा दी है प्रकृति की इस मार का सबसे ज्यादा असर अन्नदाता किसान पर पड़ा है। उसके फसलें तबाह बर्बाद हो गई पहले ही कई बार हुई बरसात व तेज हवाओं ने फसलों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी आलू चना तिलहन आदि प्रमुख फसलो की पैदावार बहुत कम होने का अनुमान तो लगाये ही जा रहे थे कि बेमौसम बृहस्पतिवार व शुक्रवार को हुई भारी बारिश ओलावृष्टि के साथ तेज हवाओं ने गेहूं की फसल को भी बर्बाद करके तबाही मचा दी जिससे अगल-बगल के जिलों के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भारी तबाही को देखते हुए प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को अन्नदाता किसान की बर्बाद हुई फसल का अनुमान लगाने का आदेश दे देने भर से क्या उसके आंसू  पुछ पायेगे। सरकारी तंत्र के सर्वे से कौन वाकिब नहीं है उनकी जेबे भी भरनी पड़ती है।  पहले से ही आवारा पशुओं से परेशान किसान ऊपर से प्राकृतिक आपदा की दोहरी मार् झेल रहे किसान को अपना परिवार का पेट भरने के साथ खाद बीज की भविष्य की चिंता सताने लगी है। सब का पेट भरने वाले अन्नदाताओ को अपना ही पेट भरने लाले पड़ते दिखाएं दे रहे हैं। इनके आंसू कौन पोंछेगा ये भविष्य का सवाल है।

मोहनलालगंज से मतलूम खान की रिपोर्ट

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