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मोहनलालगंज के गौरा पू.मा.विद्यालय में बालिकाओं को स्वयं अपना प्रकाश बनना होगा -रजनी दीक्षित

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बालिकाओं को स्वयं अपना प्रकाश बनना होगा

मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज के गौरा स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका और मीना मंच की सुगमकर्ता रजनी दीक्षित ने महिला दिवस की पूर्व संध्या पर बालिकाओं को उनके भविष्य के लिए स्वयं अपना प्रकाश बनने की सीख दी।रजनी दीक्षित ने बच्चों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। विद्यालय के मीना मंच कार्यक्रम में बच्चों से अंधविश्वासों और रूढ़ियों को अपने मन से निकाल कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की बात स्पष्ट की गई, साथ ही बच्चों से विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। रजनी दीक्षित ने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां महिलाओं ने अपनी सफलता का परचम न लहराया हो।
इतिहास गवाह है एक से बढ़कर एक महिलाओं ने हमारे देश का गौरव बढ़ाया है जिनमें वीरांगना झांसी की रानी के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता, अनेक लेखिकाएं अपनी अमर कृति से आज भी हमें प्रेरणा का रस घोल घोल कर पिला रही हैं।अमृता प्रीतम, शिवानी,इस्मत चुगताई, अरुंधती राय, महादेवी वर्मा इत्यादि लेखिकाओं की कृतियां अमर हैं और सदा अमर रहेंगी। श्रीमती इन्दिरा गांधी ने देश की प्रथम प्रधानमंत्री बनकर देश के साथ हम सभी नारियों का सिर गर्व से ऊंचा उठा दिया। श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने प्रथम महिला राष्ट्रपति बनकर हमें गौरवान्वित किया। कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स, मेरी काम अनेकों ऐसी महिलाएं हैं जिन्होने ऊंचाइयों को छूकर महिलाओं का मान बढ़ाया है। महिलाएं अपने बुलंद इरादों से चट्टान की तरह अडिग रही हैं वर्तमान समय में हमारे प्रदेश की राज्यपाल और मोहनलालगंज ब्लाक की एस. डी. एम. भी महिला ही हैं।रजनी दीक्षित ने बालिकाओं को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए समझाया कि आज महिलाएं डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, शिक्षक, पुलिस तथा बैंक कर्मचारी बनकर राष्ट्र के विकास में योगदान दे रही हैं।हर बालिका को कुछ बनने का सपना देखना होगा और उसके लिए हर संभव प्रयास करना होगा।
रजनी दीक्षित ने बालिकाओं में आत्मविश्वास जगाते हुए कहा कि कोई भी विषय कठिन नहीं है अगर मेहनत से सीखा,समझा और अभ्यास किया जाये। अधिकांश बालिकाएं माता- पिता के दबाव में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर घर के कार्यों में लग जाती हैं, जबकि केवल पढ़ाई ही जीवन में अंतिम समय तक काम आती है। उन्होंने बालिकाओं से किसी भी स्थिति में पढ़ाई न छोड़ने को कहा।
शिक्षिका रजनी दीक्षित ने सभी बच्चों को महिलाओं का सम्मान करने की शपथ दिलाई, विद्यालय की रसोइया बहनों को उपहार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक स्वदेश अग्रिहोत्री,रेनुका श्रीवास्तव, सर्वेश कुमार, रुचि श्रीवास्तव , हुमा नियाज आदि उपस्थित रहे।

मोहनलालगंज से मतलूम खान की रिपोर्ट

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