Voice of Nigohan

- Advertisement -

जलभराव के कारण बिजरा हार में लाखों रुपए की धान की फसल बर्बाद , किसान परेशान

47

जलभराव के कारण बिजरा हार में लाखों रुपए की धान की फसल बर्बाद , किसान परेशान

निगोहां । लखनऊ के मोहनलालगंज विकासखण्ड क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन ग्रामसभाओं का पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बिजरा हार में जलभराव हो जाता है । जिसमें किसानों की हजारों बीघा धान की फसल का नुक़सान हुआ है। तहसील प्रशासन की अनदेखी के चलते क्षेत्र के गांव नंदौली , मीरख नगर , भैरमपुर, लालता खेड़ा , रामदास पुर , कांटा करौंदी के किसान बर्बाद हो गये हैं। बिजरा हार में बारिश का पानी एकत्रित हो जाने के बाद लगभग दसियो हजार बीघा धान की फसल पानी में जलमग्न होकर बर्बाद होने की चिंता ने किसानों की नींद उड़ा दी है। बिजरा हार से पानी निकासी की व्यवस्था न होने से किसानों की हजारों बीघा फसल ख़राब हो गई है ।जिसमें किसानों का लाखों रुपए का नुक़सान हुआ है। किसानों ने हजारों रुपए खर्च कर धान की खेती की थीं , लेकिन जब फसल काटी जाने की बारी आई तो वह खेतों से अपनी फसल नहीं काट सके । खेतों में लगभग आधा फिट पानी भरा होने से पूरी धान की फसल खेत में भरें पानी में जलमग्न हो गई जिसमें किसानों का लाखों रुपए का नुक़सान हुआ है।
लगभग दसियो हजार बीघा जमीन की फसलें जलमग्न हो गयी हैं। चूंकि क्षेत्र में धान की पैदावार ज्यादा है। ऐसे में फसलों में पानी भर जाने के बीच उसके बर्बाद होने की स्थिति को लेकर किसान खेती की स्थिति देख चिंता में डूब गये। किसान देशराज और सत्यनारायण का कहना था कि इस तरह के हालात अत्यधिक बारिश होने पर देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि पानी निकासी की व्यवस्था रेलवे लाइन से होकर लालपुर की तरफ़ से हैं । जो पानी निकासी की व्यवस्था पूरी तरीके से बंद है इस कारण स्थानीय क्षेत्र में पानी का दबाव बढ़ने के बीच जलभराव से हालात बिगड़ते हैं। किसान भुइंया दीन, अनिल कुमार, राजेंद्र प्रसाद, मकरध्वज , ने बताया कि गांव की कृषि भूमि नंदौली , बिशुनपुर , रामदास पुर से पानी यहां तक पहुंचने के कारण बिगड़ी है। बिजरा हार का पानी निकासी न होने से पीड़ित किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने बताया कि जहां हम पहले हजारों रूपए के धान बेचते थे वहीं अब हमारे परिवार के लिए खाने के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.