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मोहनलालगंज के सिसेंडी गो-आश्रय स्थल पर प्रधान व सचिव के द्वारा अलाव की व्यवस्था

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सिसेंडी गो-आश्रय स्थल पर प्रधान व सचिव के द्वारा अलाव की व्यवस्था

मोहनलालगंज। राजधानी लखनऊ के विकास खंड मोहनलालगंज क्षेत्र में स्थायी व अस्थायी गो-आश्रय स्थलों में रह-रहे बेसहारा पशुओं को शुरू से ही ठंड से बचाने के लिए प्रशासनिक व विकास महकमे के अधिकारियों ने अच्छी पहल की है। अधिकांश गो-आश्रय स्थलों को तिरपाल से ढंक दिया गया है। वहीं इन स्थलों पर सुबह, शाम और रात के समय नियमित रुप से अलाव जल रहे हैं। विकासखण्ड क्षेत्र के सिसेंडी में स्थित पशु आश्रय स्थल इसका उदाहरण है। यही सुविधा अन्य गो-आश्रय में रहने वाले बेसहारा पशुओं को नियमित रुप से मिल रही है। पशुओं के लिए अलाव, चारा, पानी सहित अन्य सुविधाओं की मानीटरिंग भी रोजाना की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में गो-आश्रय स्थल में रहने वाले बेसहारा पशुओं के देखभाल की जिम्मेदारी प्रधान व पंचायत सचिव को सौंपी गई है। मोहनलालगंज ब्लाक में बने आश्रय स्थलों का बीडीओ बीच-बीच में निरीक्षण कर स्थिति का जायजा भी लेते रहते हैं। ठंड के दस्तक देते ही प्रशासन व विकास महकमा बेसहारा पशुओं को ठंड से बचाने के लिए चौकन्ना है । इस पर ठंडे दिन की शुरुआत होते ही तिरपालों की पहल भी तुरंत शुरू कर दी गई थी । इसी का परिणाम रहा कि अधिकांश गो-आश्रय स्थल तिरपाल से अब तक ढंक दिए जा चुके हैं। ग्रामीणों के साथ ग्राम प्रधान अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि सिसेंडी पशु आश्रय केन्द्र पर ठंड को देखते हुए अलाव भी जलाए जा रहे हैं। सचिव बंदना शर्मा ने बताया कि पशुओं के लिए बनाए गए टीन शेड में तिरपाल के साथ टीनशैड में हाईलोजन बल्ब की व्यवस्था की गई है साथ में अलाव जलाकर पशुओं को ठंड से राहत मिलती है ।

पवन कुमार की रिपोर्ट

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