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निगोहा – करनपुर और नंदौली में आधे अधूरे बने पशु आश्रय केंद्र , किसान परेशान

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करनपुर और नंदौली में आधे अधूरे बने पशु आश्रय केंद्र , किसान परेशान

ब्यूरो रिपोर्ट-निगोहा (लखनऊ)- राजधानी के विकासखण्ड मोहनलालगंज क्षेत्र में लगने वाले निगोहा इलाके के दो ग्राम सभा करनपुर व नंदौली में घुमंतू जानवरो का आतंक चरम पर है । जिससे आये दिन सड़को पर राहगीर चोटिल हो रहे है । वही गांवो में किसानी करने वाले किसान धान की नर्सरी बचाने से लेकर धान खेतों में लगाने तक दिन रात एक किये है । वही जिन पंचायतो में पशु आश्रय केंद्र बने है उन गांवो में काफी हद तक गनीमत है , और जिन गांवो में अधबने पड़े है उन गांवो की स्थित बहुत ही चिंताजनक है । ग्रामीणों ने बताया कि जिन पंचायतो में गौशाला अभी तक नही बन पाई है , उन गांवो की ग्रामीण जनता जिम्मेदारों से अधबने पड़े गौशालाओ का कार्य पूरा करा उन्हें चालू कराने की अपील कर रही है , और क्षेत्रीय किसानों को  महज ये आस्वाशन मिल पा रहा है कि जल्द ही इन्हें चालू करा दिया जाएगा , वही किसानों ने कहा कि रात दिन रखवाली कर किसी तरह से धान की नर्सरी तैयार की गई अब धान की फसल खेतों में लगाए जा रहे हैं खेतों में ये घुमंतू जानवर पूर्ण रूप से बर्बाद कर देंगे तब अधबनी गौशालाओ का संचालन प्रशाशन द्वारा कराया जाएगा । उनको बचाने के लिए दोनों गांवों के  किसान दिन व रात जागकर किसी तरह उसे घुमंतू जनवरो से बचा पा रहे है , लेकिन उनमें से कई आवारा सांड इतने खतरनाक है कि खेती की रखवाली कर रहे किसानों पर टूट पड़ते है , और किसानों को घायल कर देते है ।और नौबत जान पर बन आती है । अब तक करनपुर, नंदौली,  गांवो के ग्रामीण आवारा सांडो के हमले से घायल हो चुके है । और सड़कों पर दो पहिया सवार और चार पहिया वाहन हादसों का शिकार हो रहे है । आखिर कब लगेगा इन आवारा घुमंतू सांडो के  आतंक पर पूर्ण विराम और क्षेत्रीय किसान कब कर सकेंगे मनमाफिक किसानी और किसानों के घरो में होगा अन्न देवता का वास । उनके घरों में अन्न का भंडार कब भरेगा , सरकार कब किसानों को इस विषम समस्या से निजात दिला सकेगी , किसानों के हरे भरे खेत एक बार फिर फसलो से लहलहाएंगे या फिर यू ही हजारो बीघे जमीन किसानों की परती पड़ी रहेगी । आखिर देश का अन्नदाता किसान दाने दाने को मोहताज है किसान किसानी को करने के लिए कई विषम परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है । वही सरकार भी किसानों के लिए दृढ़ संकल्प है और किसानों को पूरा यकीन है की प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों की इस विषम परिस्थिति  से निजात दिला सकेंगे । ये बात आने वाला वक्त तय कर सकेगा । नंदौली के ग्रामीणों ने बताया कि पशु आश्रय केंद्र अधबना होने के कारण अभी तक न बनने की वजह से एक भी जानवर पशु आश्रय केंद्र के अंदर नहीं गए, छुट्टा जानवर हम लोगों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं । जिसकी वजह से हम लोगों की धान की खेती का काफी नुकसान हो रहा है।
पशु आश्रय केंद्र करनपुर में कार्य कर रहे गांव के ही रामगुलाम से पशुओं को लेकर चारा -पानी की बात की गई ,तो उन्होंने बताया कि इस पशु आश्रय केंद्र की बैरी कैटिंग के अंदर में जो घास उगती है , वही जानवर खाकर जी रहे हैं । चारे पानी की और व्यवस्था नहीं है। करनपुर की ग्रामीणों का आरोप है कि इस पशु आश्रय केंद्र में लगभग एक दर्जन जानवर रखे गए हैं ,वह सब प्रधान के परिवार वालों के जानवर हैं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बाहरी जानवरों को अंदर नहीं प्रवेश किया जाता है। अगर कोई जबरन पशु आश्रय केंद्र में जानवर प्रवेश भी कर देता है ,तो उसे खोल दिया जाता है । इससे करनपुर गांव के किसानों में काफी रोष व्याप्त है ।

निगोहा से सर्वेश शुक्ला की रिपोर्ट

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