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मोहनलालगंज – जगह-जगह लगी दुकानें राखी पर सजे बाजार सज गईं दुकानें रक्षाबंधन पर बाजार हुआ गुलजार

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जगह-जगह लगी दुकानें राखी पर सजे बाजार , सज गईं दुकानें रक्षाबंधन पर बाजार हुआ गुलजार

ब्यूरो रिपोर्ट – राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज कस्बे में रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले ही बाजार में रौनक बढ़ गई। रक्षाबंधन पर राखीयों से बाजार सज गया और बाजारों में खरीददारी करने के लिए लोगों की उमड़ी भीड़ रक्षाबंधन पर बहनों को उपहार देने के लिए लोगो में खुशी और बहनों में अपने भाइयों को राखी बांधने की खुशी साफ तौर पर देखने को मिल रही है इसी खुशी से सभी बहन भाई के लिए बाजारों में खरीददारी करते नजर आ रहे हैं 15 अगस्त को रक्षाबंधन होने के चलते बाजारों में खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। रक्षाबंधन को देखते हुए फुटपाथ पर राखी की दुकानें सज गई हैं। दुकानों पर बच्चों के लिए मोटू-पतलू, छोटा भीम, डोरेमोन, गणेश जी, टॉम एंड जैरी के साथ ही साथ स्टोन, जर्कन व धागों में कई तरह की राखियां सजी हैं। राखियों से सजे बाजार, आया रक्षाबंधन का त्योहार ‘बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है, रेशम की डोरी से संसार बांधा..रक्षाबंधन के दिन यह गीत हर बहन की जुबान पर होता है। राखी का मतलब पहले रेशम के धागे से जुड़ा होता था, लेकिन आजकल बाजारों में सिल्वर, गोल्ड और डायमंड की राखियां भी मिलती है। रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के प्रेम और आत्मीय रिश्ते को मजबूती से बांधे रखने वाला पर्व है। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 15 अगस्त को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। रक्षाबंधन को देखते हुए बाजार में चहल-पहल बढ़ने लगी है और राखी की दुकानें सजने लगी है। रक्षाबंधन पर्व में कुछ दिन बचे होने के कारण बाजारों में राखी की विशेष दुकानें सजी है। शाम के वक्त बाजारों में मेले जैसा माहौल बना होता है। 15 अगस्त को रक्षाबंधन राखी से सजीं दुकानें भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन के नजदीक आते ही बाजार में रंग-बिरंगी राखियों से दुकानें सज चुकी है। लेकिन बढ़ते ऑनलाइन शॉपिंग ने समय से पूर्व राखियों की खरीदारी के लिए बाजार को ठंडा कर दिया है। बहनें अब दूर रह रहे भाइयों के लिए भी रक्षाबंधन से हफ्ते भर पूर्व दुकान से राखी की खरीदारी कर उसे डाक के माध्यम से भेजे जाने की जगह ऑनलाइन राखी की खरीदारी कर भाइयों के पते पर ही डिलवरी करवा रही है। कभी हफ्ते भर पूर्व राखी की खरीदारी के लिए दुकानों पर लगने वाली भीड़ अब रक्षाबंधन से महज एक दो दिन पूर्व ही देखने को मिलती है। ऑनलाइन और बाजार से खरीदारी में कुछ ज्यादा अंतर नहीं है। रक्षाबंधन तक राखी का स्टॉक खत्म हो जाता है। 15 अगस्त के दिन ही रक्षाबंधन पर्व होने के कारण तिरंगा राखी भी मंगाई गयी है जो सस्ते दामों पर उपलब्ध है। बाजारों में राखी पर सजे बाजार जगह-जगह लगी दुकानें इस वर्ष एक ही दिन मनाए जाएंगे दो महत्वपूर्ण पर्व दोपहर के समय को छोडकऱ कभी भी बंधवाई जा सकेगी राखी भाई-बहिन के प्यार के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व को लेकर शहर के बाजारों में राखियों की दुकाने सज चुकी हैं। इस वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन दोनों पर्व एक साथ मनाए जाएंगे। बाजारों में देशभक्ति का संदेश देने वाली विभिन्न वैरायटी व नए डिजाइन की राखियां बिकने लगी है। महिलाएं, बच्चे, युवक-युवतियां राखियां खरीदने में व्यस्त दिखाई देने लगे है। ग्रामीण इलाकों की भीड़ भी बाजारों में उमड़ रही है। दिन भर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से लोग राखियां खरीद रहे हैं। इस बार राखी राहुकाल का समय दोपहर डेढ़ बजे से दोपहर 3 बजे तक को छोडकऱ शुभ मुहूर्त में कभी भी बंधवाई जा सकेगी। भाइयों के हाथों पर दिखेगी तीन रंग की राखी रक्षा बंधन के पर्व पर पहली बार भाइयों के हाथों पर तीन रंग केशरिया, सफेद और हरे रंग की राखी बांधी जाएगी। रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस एक ही दिन होने के कारण महिलाएं बाजार में दुकानों पर तीन रंग की राखी की डिमांड पर हैं। खास बात यह है कि इस राखी की कीमत भी अन्य राखियों की तुलना में काफी कम है। 20 से 50 रुपए के बीच तिरंगा झंडा और तीन रंग की राखी बाजार में दुकानों पर मिल रही है। बाजारों में इस वर्ष जिले में राखी का कारोबार अच्छा रहने की संभावना बताई जा रही है। बाजार में डिजाइनदार राखियां 100 रुपए 300 रुपए तक बिक रही हैं। रेशमी, डायमंड फैशनेबल और चांदी राखियां खूब पसंद की जा रही है। राखियों के दाम में पिछले साल की अपेक्षा 15 से 20 प्रतिशत बढ़ गया है। 19 साल बाद रक्षाबंधन 15 अगस्त को रक्षाबधंन और स्वतंत्रता दिवस दोनों एक दिन मनाए जाएंगे। ऐसा 19 साल बाद हो रहा है। इससे पहले वर्ष 2000 में मंगलवार को इस तरह का योग बना था। पूर्णिमा तिथि 14 अगस्त को दिन में 2.47 बजे से शुरू होगी, जो 15 अगस्त की शाम 4.23 बजे तक रहेगी। राहुकाल दिन में डेढ़ बजे से दोपहर 3 बजे है। इसलिए राहुकाल के समय को छोडकऱ शुभ मुहूर्त में रखी बांधना मंगलकारी रहेगा।

मोहनलालगंज से जय शरण तिवारी की रिपोर्ट

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