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धान की खेती पर संकट , सिचाई ब्यवस्था का समाधान नही मयस्सर करा पा रहे क्षेत्रीय किसानों को जिम्मेवार

किसानो की ढेरों शिकायतों के बावजूद महज आश्वाशन की घुट्टी

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धान की खेती पर संकट , सिचाई ब्यवस्था का समाधान नही मयस्सर करा पा रहे क्षेत्रीय किसानों को जिम्मेवार

(किसानो की ढेरों शिकायतों के बावजूद महज आस्वाशन की घुट्टी )
मोहन लाल गंज , लखनऊ । किसानों की समस्याएं दिन प्रतिदिन कम होने का नाम ही नही ले रही है , जबकि सरकार व कृषि विभाग किसानों के लिए हर संभव मदद करने के लिए नई नई योजनाएं लागू कर रहा है , और ग्रामीण किसानों को वैज्ञानिक तकनीकी से खेती बाड़ी करने पर जोर दे रहा है । वही दूसरी ओर ब्लॉक मोहनलाल गंज में लगने वाली ग्राम पंचायतों में , जबरौली , परसपुर ठट्ठा , गोविंदपुर , गौरा , सिसेंडी , हिलगी , में किसानों की खेती सचारु रूप से करने के लिए सचारु रूप से समाधान न हो पाने के कारण धान की नर्सरी से लेकर पूरी फसल पर घोर संकट मंडरा रहा है , जिसे लेकर इन गांवों के किसानों के चेहरों पर बल व माथे पर पसीना साफ तौर पर झलक रहा है । ऐसा भी नही है कि किसानों ने इस बात की कही शिकायत नही दर्ज कराई , तहसील दिवस से लेकर , सीएम, व पीएम , तक से क्षेत्रीय किसानों ने शिकायत कर इस क्षेत्र में सिचाई की समस्या का समाधान हल करने की कई बार शिकायत कर चुके है । बावजूद उसके अब तक मामले का निस्तारण नही हो पाया है , जिससे इन गांवों के किसान अब धान की फसल उगाने के साहस नही जुटा पा रहे है ।। इन गांवो में खेतों की सिचाई करने के लिए प्रमुख साधन नहरो से निकली माइनर थी जो कई गांवों को जोड़ती थी , लेकिन विगत कुछ वर्षों से इन माइनरों में पानी न आने के कारण किसानों के निजी बोरवेल भी फेल होने लगे है । वही इन गांवों के किसानों ने गावो में सरकारी नलकूप लगाने की मांग भी कई बार कर चुके है । जबरौली , परसपुर , व सिसेंडी के अमिलिहा खेड़ा में एक एक सरकारी नलकूप लगा भी है , लेकिन आये दिन खराब पड़ा रहता है । और जिम्मेवार उसे ठीक कराने में महीनों लगा देते है । ये बात
इन गावो के किसानों ने बताई , वही किसानों की खेती को सीचने के लिए जब से माइनरों में पानी आना बंद हो गया तब से इस क्षेत्र के किसानों की किसानी सिचाई के पानी के अभाव में चौपट हो चुकी है । जिससे कुछ किसान महज एक फसल काट पा रहे है , वही कुछ किसानों की जमीन परती पड़ी रहती है । गर्मियां आने के साथ ही एक बार फिर धान की पौध उगाने के समय नजदीक आ चुका है , लेकिन सिचाई की समस्या ने किसानों की सांसे अटका रखी है । वही इन गांवों के किसानों ने बताया कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों से इस बात की शिकायत किसानों ने दर्जनों बार लिखित रूप से की है , इतना ही नही मुख्यमंत्री , प्रधानमंत्री , से भी और कृषि विभाग के मंत्री तक से मगर नतीजा सिफर निकला , और सभी ने किसानो की ढेरों समस्याओ के बावजूद अब तक महज आश्वाशन की घुट्टी ही दी है , और इन गांवों के किसानों के लिए सिचाई ब्यास्था का समाधान न होने और नहरो में पानी न आने के कारण धान की फसल उगा पाना एक चुनाती साबित हो रहा है । वही दूसरी ओर आवारा घुमंतू जानवरो के आतंक के कारण अब तो किसानों की हिम्मत किसानी से टूटती , व दम तोड़ती दिखाई दे रही है । क्योंकि कुछ किसानों ने बताया कि कुछ गौशालाओं से आवारा पशु छोड़ दिये गए है , और उनका आतंक किसानों की हरी भरी शब्जी की खेती बाड़ी भी चौपट हो रही है , जिससे किसानों का किसानी से अब धीरे धीरे मोह भंग होता जा रहा है । और जिम्मेवार मस्त है तो वही क्षेत्रीय किसान त्रस्त है ।।
सूरज अवस्थी , मोहन लाल गंज

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