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मोहनलालगंज – राजकीय कृषि रक्षा इकाई में लगे इंडिया मार्का नल से निकल रहा दूषित गंदा पानी , जिसे पीने को आने जाने वाले किसान मजबूर

            (जिम्मेवार मस्त , किसान त्रस्त )

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राजकीय कृषि रक्षा इकाई में लगे इंडिया मार्का नल से निकल रहा दूषित गंदा पानी , जिसे पीने को आने जाने वाले किसान मजबूर

 (जिम्मेवार मस्त , किसान त्रस्त )

मोहनलालगंज / लखनऊ । जहा एक ओर सरकार किसानों की सुविधा के लिए हर सम्भव साधन सम्प्पन कराने के लिए प्रयासरत है । वही दूसरी ओर राजकीय कृषि रक्षा इकाई मोहन लाल गंज में लगे इंडिया मार्का नल से गन्दा दूषित बालू युक्त पीला जल निकल रहा है , जिसे दूर दूर गांवो से आने वाले किसान नल के दूषित पानी को पीने को विवश है , जिससे क्षेत्रीय किसानों में जिम्मेवारो की लापरवाही को लेकर खासा रोष ब्याप्त है , कड़ाके की धूप और बैशाख माह की चिपचिपी गर्मी में दूर दराज से रोजाना दर्जनो किसान राजकीय कृषि रक्षा इकाई किसी न किसी कृषि कार्य से सम्बंधित दवा बीज उर्वरक आदि लेने लू के थपेड़ो के बीच आते है और जब उन्हें प्यास लगती है तो उसे बुझाने के लिए जैसे ही नल चलाते है तो नल से दूषित पीला गंदा पानी निकलने लगता है , जो पीने योग्य नही होता है , लेकिन सूखा गला व अपनी प्यास बुझाने के लिए आने वाले किसान उसे पीने को मजबूर है , कई किसानों ने वहां पर उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों से कई बार इस बात की शिकायत भी कर चुके है लेकिन नतीजा सिफर रहा , और किसानों को वहां पर उपस्थित कर्मचारी अजय सिंह ने बताया कि हमने यहाँ के सीनियर अधिकारी एडीओ एजी प्रेम बाबू से इस बात की शिकायत कई बार की तो उन्होंने बताया कि हमने खंड विकास अधिकारी के यहां इसकी शिकायत दर्ज कराई है , और उन्होंने इसे सही कराने का आस्वाशन भी दिया था , बावजूद उसके भी अब तक नल की मरम्मत नही की गयीं , जिसका खामियाजा कृषि रक्षा इकाई आने जाने वाले दूर दराज के क्षेत्रीय किसानों को मजबूरन दूषित पानी पीकर चुकाना पड़ रहा है , लेकिन जिम्मेवारो के कान के ऊपर जु नही रेगी , और दूषित गंदा पीला बदबूदार बालू युक्त पानी यहां आने जाने वाले किसान पीकर चुका रहे है । और इस बात की शिकायत आने जाने वाले लोगो व किसानों द्वारा रोज वहां पर उपस्थित जिम्मेवार अधिकारियों व कर्मचारियों से की जाती है , और वो लोग नल की जल्द मरम्मत होने का आस्वाशन देकर अपना अपना पल्ला झाड़ लेते है । जिससे राजकीय कृषि रक्षा इकाई में आने जाने वाले किसानों व ग्रामीणों में जिम्मेवारो की उदासीनता को लेकर भारी रोष ब्याप्त है ।
सूरज अवस्थी , मोहन लाल गंज ।

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